उत्तर प्रदेश के जिले गाज़ियाबाद में सूर्या प्रताप हत्याकांड surya pratap murder case में रोजाना नयी कार्यवाही देखने को मिल रही है । खोडा जो एशिया का सबसे बड़ा गाँव कहा जाता है वहां नवनीत विहार में रहने वाले 11वी के मासूम सूर्या प्रताप की चाकू मारके बेरहमी से हत्या करने के मामले में योगी की पुलिस का एक्शन जारी है इसमें जहा एक ओर पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान मुख्य आरोपी असद को मार गिराया है वही दूसरी तरफ प्रशाशन आरोपी की अवैध संपत्ति को भी जमींदोज कर सकता है । सोमवार की सुबह भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में आरोपी के घर के बाहर ढोल-नगाड़े बजाकर मुनादी कराई गई और बुलडोजर कार्रवाई का अंतिम सरकारी नोटिस चस्पा कर दिया गया। इस बड़े एक्शन के बाद पूरे गाज़ियाबाद और खोड़ा इलाके में हड़कंप का माहौल बना हुआ है।
28 मई की शाम: ईद के त्योहार के बीच हुई थी रूह कंपा देने वाली वारदात
इस पूरी खौफनाक दास्तान की शुरुआत गुरुवार शाम, 28 मई 2026 को हुई थी, जिसने पूरे गाज़ियाबाद को हिलाकर रख दिया। खोड़ा के नवनीत विहार इलाके का रहने वाला सूर्या प्रताप चौहान महज ग्यारहवीं क्लास का छात्र था और अपने दोस्तों के साथ त्योहार की खुशियों के बीच घर से बाहर निकला था। इसी दौरान शाम के समय नवनीत विहार की गली में शर्मा डेयरी के पास इलाके के कुछ दबंग और आपराधिक प्रवृत्ति के लड़कों के साथ उसकी किसी बात को लेकर बहस हो गई। यह मामूली कहासुनी देखते ही देखते इतनी बड़ी रंजिश में बदल जाएगी, इसका अंदाजा किसी को नहीं था। मुख्य आरोपी असद ने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर बीच सड़क पर सूर्या को घेर लिया और उस पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।
आरोपियों ने मासूम सूर्या के पेट और शरीर के ऊपरी हिस्से पर एक के बाद एक कई गंभीर वार किए, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं सड़क पर गिर पड़ा। surya pratap murder को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। आस-पास के लोग और परिजन जब सूर्या को लहूलुहान हालत में नोएडा के सेक्टर 62 स्थित फोर्टिस अस्पताल लेकर पहुंचे, तो वहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए तुरंत इलाज शुरू किया।
29 मई की दोपहर: अस्पताल में सूर्या ने तोड़ा दम, भड़का आक्रोश
अस्पताल में डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद सूर्या की हालत बिगड़ती चली गई। अगले दिन, यानी शुक्रवार दोपहर, 29 मई 2026 को इलाज के दौरान सूर्या प्रताप चौहान ने दम तोड़ दिया। ईद जैसे बड़े त्योहार के अगले ही दिन एक हंसते-खेते मासूम बच्चे की इस तरह मौत से पूरे इलाके में सन्नाटा पसर गया और लोगों के दिलों में आरोपियों के खिलाफ गुस्सा फूट पड़ा।
शनिवार, 30 मई को जब पोस्टमार्टम के बाद मासूम सूर्या का शव उसके पैतृक घर नवनीत विहार पहुंचा, तो माहौल बेहद गमगीन और तनावपूर्ण हो गया। पीड़ित मां और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, वहीं स्थानीय लोगों और हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। भारी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए और उन्होंने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी, एनकाउंटर और उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। पीड़ित परिवार इस बात पर अड़ गया कि जब तक सख्त कार्रवाई नहीं होगी, वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
माहौल को बिगड़ता देख गाज़ियाबाद के आला पुलिस अधिकारी और भारी संख्या में पीएसी बल मौके पर तैनात कर दिया गया। स्थानीय लोगों को समझाने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा खुद पीड़ित परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित माता-पिता के आंसू पोंचे और उन्हें भरोसा दिया कि योगी सरकार में किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। मंत्री के इस ठोस आश्वासन के बाद ही शनिवार शाम को परिजन सूर्या के अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
31 मई की सुबह: पुलिस का पहला बड़ा प्रहार, एनकाउंटर में ढेर हुआ असद
उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टीम और स्थानीय पुलिस ने वारदात के बाद से ही आरोपियों की धरपकड़ के लिए कई टीमें बना रखी थीं। फरार असद पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर दिया था। रविवार तड़के, 31 मई 2026 की सुबह पुलिस को मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि असद अपने कुछ साथियों से पैसे इकट्ठा कर इलाके से भागने की फिराक में खोड़ा थाना क्षेत्र की तरफ आ रहा है।
खोड़ा और इंदिरापुरम पुलिस की संयुक्त टीम ने तुरंत घेराबंदी की और बाइक पर आ रहे असद को रोकने का प्रयास किया। खुद को पुलिस के जाल में फंसता देख असद ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग झोंक दी, जिसमें एक पुलिस कांस्टेबल भी घायल हो गया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में लगी गोली से मुख्य आरोपी असद गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। असद के एनकाउंटर की खबर जैसे ही खोड़ा इलाके में फैली, पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने न्याय की दिशा में इसे पहला बड़ा कदम बताया।
1 जून की सुबह: अब योगी सरकार का दूसरा बड़ा एक्शन, चस्पा हुआ नोटिस
एनकाउंटर के अगले ही दिन यानी सोमवार सुबह, 1 जून 2026 को खोड़ा इलाके में एक बार फिर भारी हलचल देखने को मिली। इस बार पुलिस के साथ राजस्व विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों की एक संयुक्त टीम सीधे आरोपी असद के नवनीत विहार स्थित आवास पर पहुंची। उप जिलाधिकारी (SDM) के सख्त निर्देशों के बाद तहसीलदार और पुलिस बल ने पूरे इलाके को घेर लिया। इसके बाद सरकारी कर्मचारियों ने बकायदा ढोल-नगाड़े बजाकर और लाउडस्पीकर से पूरे खोड़ा क्षेत्र में मुनादी करानी शुरू की।
प्रशासन ने लाउडस्पीकर पर साफ तौर पर ऐलान किया कि आरोपी असद का यह मकान पूरी तरह से अवैध कब्जे और सरकारी जमीन पर बिना किसी नक्शे के बनाया गया है। मुनादी पूरी होने के बाद अधिकारियों ने मकान के मुख्य दरवाजे पर एक सरकारी बेदखली और ध्वस्तीकरण का नोटिस चस्पा कर दिया। इस नोटिस में प्रशासन की तरफ से आरोपी के परिवार को साफ तौर पर 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है। नोटिस में लिखा है कि यदि अगले 15 दिनों के भीतर इस अवैध निर्माण को खुद खाली करके नहीं हटाया गया, तो प्रशासनिक बुलडोजर इस पूरे मकान को जमींदोज़ कर देगा और इस कार्रवाई में होने वाले खर्च की वसूली भी आरोपी के परिवार से ही की जाएगी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, पुलिस छावनी में तब्दील हुआ खोड़ा क्षेत्र
इस दोहरे और बड़े एक्शन के बाद नवनीत विहार और पूरे खोड़ा क्षेत्र में तनाव और संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को बेहद कड़ा कर दिया गया है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात हैं और संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। गाज़ियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी। सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जा रही है ताकि इस संवेदनशील मामले को लेकर कोई भी असामाजिक तत्व किसी प्रकार की अफवाह न फैला सके।
प्रशासन की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई की इस समय पूरे गाज़ियाबाद में चर्चा हो रही है। लोगों का मानना है कि इस तरह के कड़े प्रशासनिक कदम से अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा होगा और भविष्य में कोई भी अपराधी इस तरह की दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देने से पहले सौ बार सोचेगा।
निष्कर्ष: अपराधियों के लिए कड़ा संदेश
गाज़ियाबाद का यह सूर्या चौहान हत्याकांड और उसके बाद चौबीस घंटे के भीतर हुआ पुलिस एनकाउंटर तथा बुलडोजर का यह एक्शन साफ तौर पर यह संदेश देता है कि उत्तर प्रदेश में अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। पीड़ित परिवार को भले ही उनका मासूम बच्चा वापस नहीं मिल सकता, लेकिन प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई ने उनके जख्मों पर कुछ हद तक मरहम लगाने का काम जरूर किया है। इस पूरे मामले की हर एक छोटी-बड़ी लाइव अपडेट और पुलिस की आगे की कार्रवाई की पूरी रिपोर्ट के लिए हमारी वेबसाइट के साथ लगातार जुड़े रहें।
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